Home / भक्ति / धर्म (Bhakti / Dharm) / भक्ति गीत / महाशिवरात्रि कविता : मैं शिव हूँ – शिव भक्ति कविता | Mahashivratri Special Hindi Poem

महाशिवरात्रि कविता : मैं शिव हूँ – शिव भक्ति कविता | Mahashivratri Special Hindi Poem

महाशिवरात्रि कविता: एक आध्यात्मिक यात्रा

 

शिव का स्वरूप—शक्ति, शांति और शून्य का अद्भुत संगम

मैं शिव हूँ ” एक आध्यात्मिक कविता है जो भगवान भगवान शिव के विराट स्वरूप, शून्यता, शक्ति और चेतना को दर्शाती है। यह रचना जीवन, मृत्यु, अहंकार और मुक्ति के गहरे अर्थ को उजागर करती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यह कविता हर शिव भक्त के भीतर की ऊर्जा और आत्मा को जागृत करने का संदेश देती है।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रस्तुत है “मैं शिव हूँ”—एक ऐसी काव्य रचना जो शिव के अद्वितीय स्वरूप को शब्दों में पिरोती है। भगवान शिव केवल एक देवता नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के आधार, शून्य और अनंत के प्रतीक हैं। यह कविता हमें अपने भीतर के अहंकार को त्यागकर आत्मा की गहराई को समझने की प्रेरणा देती है।

विकराल भी हूँ… विश्राम भी हूँ…
मौन की गहराई में विराम भी हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

अंधकार को ओढ़े बैठा…
जग से परे, निर्विकार हूँ…

श्मशान की राख तले छिपा…
मैं अंत का भी विस्तार हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

लोभ-मोह तुम अपने रख लो…
मैं न्याय का संपूर्ण स्वरूप हूँ…

अहंकार को भस्म कर आया…
अब “मैं” से भी दूर हूँ…

न भय रहा, न भ्रम कोई…
मैं शून्य में भरपूर हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

जो खुद तक सीमित सोच रहे…
वो मेरी पहचान नहीं…

मैं काल का भी काल हूँ…
सृष्टि की पहली तान हूँ…

ध्यान में डूबा अनंत मैं…
एकांत की पहचान हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

मैं ज्वाला भी, मैं भस्म भी…
हर पावन एहसास हूँ…

मैं उड़ान भी, मैं प्राण भी…
हर कण में निवास हूँ…

मैं आरंभ… मैं अंत भी…
असीम विश्वास हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

मुझमें छल का नाम नहीं…
मुझमें कोई भेद नहीं…

मृत्यु की गोद में बैठा…
जीवन से भी खेद नहीं…

मैं अंधकार का आकार…
मैं ही प्रकाश विशेष हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

मैं समय नहीं… मैं काल स्वयं…
ना स्वर्ग, ना पाताल हूँ…

मुक्ति का गूढ़ सार मैं…
क्रोध में भी निष्कलंक ज्वाल हूँ…

अघोर, शुद्ध चेतना मैं…
मैं ही परम विशाल हूँ…

मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ… मैं शिव हूँ…

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *